क्या असली ब्रांड के नाम पर बिक रहा था संदिग्ध सीमेंट? फतेहपुर में विभागीय जांच की मांग

 

 

ACC ब्रांड के नाम पर कथित संदिग्ध सीमेंट की आपूर्ति का आरोप, 400 बोरियां उतारे जाने की शिकायत; अब गुणवत्ता और स्टॉक की जांच पर टिकी निगाहें

 

✍️ India Varta News

 

फतेहपुर। बाजार में बिकने वाली निर्माण सामग्री की विश्वसनीयता को लेकर फतेहपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है। नामी सीमेंट कंपनी ACC के नाम पर कथित रूप से संदिग्ध माल की आपूर्ति किए जाने की शिकायत ने व्यापारिक गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने एक ट्रक में 500 बोरियां सीमेंट लाए जाने और उसमें से 400 बोरियां उतारे जाने का आरोप लगाया है। शेष माल के साथ ट्रक को जीएसटी अधिकारियों द्वारा पकड़कर सदर कोतवाली में खड़ा कराए जाने की बात कही गई है।

 

सुबह छह बजे की कार्रवाई से खुला मामला

 

थरियांव थाना क्षेत्र के बरसरा निवासी बबलू सिंह तोमर ने एक नवंबर को कोतवाली प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। शिकायत के मुताबिक, यूपी-36 टी-0283 नंबर का ट्रक सुबह करीब छह बजे पकड़ा गया था। आरोप है कि ट्रक में ACC कंपनी के नाम से 500 बोरी सीमेंट लदी थी और करीब 400 बोरी जगत सीमेंट एजेंसी, वर्मा चौराहा स्थित प्रतिष्ठान पर उतारी जा चुकी थीं।

 

शिकायत में दूसरे प्रतिष्ठानों का भी उल्लेख

 

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब शिकायतकर्ता ने अपनी अर्जी में अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों का भी जिक्र किया। शिकायत में सोनम गुप्ता को कथित माल का मालिक बताते हुए जांच की मांग की गई है। इसके अलावा राधानगर के भदौरिया ट्रेडर्स और अभय मिश्रा के प्रतिष्ठान में भी कथित सीमेंट भंडारण का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने करीब एक हजार बोरियों के भंडार का उल्लेख करते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है।

 

ब्रांड की पहचान और गुणवत्ता की जांच सबसे अहम

 

इस मामले में केवल माल की आवाजाही या जीएसटी दस्तावेजों की जांच पर्याप्त नहीं होगी। सीमेंट के नमूनों की अधिकृत प्रयोगशाला से गुणवत्ता जांच और ACC कंपनी से ब्रांड की प्रामाणिकता का सत्यापन भी जरूरी है। इसके साथ ही ट्रक के बिल, ई-वे बिल, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान किए जाने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

 

आम आदमी की मेहनत की कमाई से जुड़ा मामला

 

सीमेंट किसी भी भवन की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार होता है। ऐसे में यदि असली ब्रांड के नाम पर नकली या गैरमानक सामग्री बेचे जाने की पुष्टि होती है, तो यह उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के साथ-साथ जनसुरक्षा का भी गंभीर विषय बन सकता है।

 

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यापारियों का पक्ष और प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में सीमेंट की वास्तविक गुणवत्ता, आपूर्ति के स्रोत और संबंधित प्रतिष्ठानों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

Leave a Comment