जहानाबाद थाने के तत्कालीन एसएचओ और सिपाही पर समझौते के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप; जेवर गिरवी रखकर रकम देने का दावा, निष्पक्ष जांच की मांग
फतेहपुर। कानून से न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची एक महिला ने अब पुलिसकर्मियों पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। जहानाबाद थाना क्षेत्र के सानी गढ़वा गांव निवासी रजिया पत्नी शब्बीर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर तत्कालीन थाना प्रभारी और एक सिपाही पर 20 हजार रुपये लेने, समझौते का दबाव बनाने तथा उनके बेटे की नौकरी छुड़वाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समझौते के नाम पर रकम मांगने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, विपक्षी पक्ष के साथ उनका भरण-पोषण को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि 8 अगस्त 2026 को विपक्षी पक्ष के लोग उनके घर में घुस आए और मारपीट व अभद्रता की। इस मामले में उन्होंने जहानाबाद थाने में लिखित शिकायत दी थी।
रजिया का आरोप है कि मामले में समझौता कराने के नाम पर तत्कालीन एसएचओ योगेश कुमार और सिपाही इन्द्रजीत ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़िता का दावा है कि आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने जेवर गिरवी रखकर 20 हजार रुपये दिए। इसके बाद उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर कथित तौर पर उन पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जाने लगा।
ढाबे पर बुलाकर रकम वापसी को लेकर दबाव बनाने का दावा
शिकायत में 14 अक्टूबर 2026 की एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया गया है। पीड़िता के अनुसार, उन्हें पटेल ढाबे पर बुलाकर कथित तौर पर 20 हजार रुपये वापस करने को लेकर दबाव बनाया गया। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी बिंदकी से भी शिकायत की थी।
बेटे की नौकरी जाने से परिवार पर आर्थिक संकट
महिला ने आरोप लगाया कि 25 अक्टूबर 2026 को पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को काम पर रखने वाले दुकान मालिक को कथित रूप से धमकाया। आरोप है कि बेटे को नौकरी पर रखने पर दुकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद डर के चलते दुकानदार ने उनके बेटे को काम से हटा दिया। पीड़िता का कहना है कि बेटा दुकान पर काम करके परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन नौकरी छूटने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
एसपी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़िता रजिया ने पुलिस अधीक्षक से तत्कालीन थाना प्रभारी और संबंधित सिपाही पर लगाए गए 20 हजार रुपये लेने तथा समझौते का दबाव बनाने के आरोपों की वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा व आर्थिक राहत दिलाने की गुहार लगाई है।
अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस शिकायत पर क्या संज्ञान लेते हैं और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है।
India Varta News
सच की बात, इंडिया वार्ता।








