नई दिल्ली। देश की राजधानी का जंतर-मंतर एक बार फिर राजनीतिक हलचल का केंद्र बना। आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा आयोजित ‘जनसभा’ में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जनता को संबोधित किया। इस शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने आगामी चुनावों और भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया।
अदालत के फैसले पर गोपाल राय का बड़ा बयान
मंच से संबोधन के दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने आबकारी मामले (Excise Policy Case) का जिक्र करते हुए न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
जजों का धन्यवाद: गोपाल राय ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उन न्यायाधीशों का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को इस मामले में राहत प्रदान की।
छवि पर वार: उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा चाहे कितनी भी अदालतों के चक्कर काट ले, वह केजरीवाल की बेदाग छवि को धूमिल नहीं कर सकती। अरविंद केजरीवाल ईमानदार थे, ईमानदार हैं और हमेशा ईमानदार रहेंगे।”
नेताओं के तीखे प्रहार
सभा में मुख्यमंत्री आतिशी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय और गोवा के प्रदेश अध्यक्ष वाल्मीकि नायक ने मंच साझा किया। नेताओं ने केंद्र सरकार पर दिल्ली के विकास कार्यों को रोकने और तानाशाही रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए।
प्रभावित कर्मचारियों का उमड़ा जनसैलाब
जंतर-मंतर पर केवल राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि वे लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे जो प्रशासनिक खींचतान का शिकार हुए हैं:
बस मार्शल, चालक और कंडक्टर: नौकरी से निकाले गए मार्शलों ने अपनी बहाली की मांग को लेकर आवाज उठाई।
स्वास्थ्य कर्मी: मोहल्ला क्लीनिकों से हटाए गए डॉक्टर और नर्सों ने भी जनसभा में शिरकत की और अपनी पीड़ा बयां की।
निष्कर्ष और राजनीतिक मायने
अरविंद केजरीवाल का जंतर-मंतर से संबोधन यह साफ करता है कि आम आदमी पार्टी अब पूरी तरह से चुनावी मोड में है। भ्रष्टाचार के आरोपों से कानूनी राहत मिलने के बाद, ‘ईमानदारी’ के कार्ड को फिर से जनता के बीच मजबूती से रखा जा रहा है।
“जंतर-मंतर पर उमड़ी यह भीड़ इस बात का सबूत है कि दिल्ली की जनता अपने हक की लड़ाई के लिए तैयार है।” — आप नेतृत्व









