प्रशासनिक रिव्यू के बीच कोलकाता में ‘गो बैक’ के नारों से गूँजा आसमान, भाजपा ने की 3 चरणों में चुनाव कराने की मांग
कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार को जब चुनाव आयोग की फुल बेंच की बैठक के बीच ज्ञानेश कुमार कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और ‘गो बैक’ के पोस्टर व काले झंडे दिखाए।
🔥 दौरे के दूसरे दिन भी जारी रहा विरोध
CEC ज्ञानेश कुमार रविवार शाम को कोलकाता पहुंचे थे। रविवार को एयरपोर्ट से होटल जाते समय भी उनके काफिले को काले झंडे दिखाए गए थे। सोमवार सुबह कालीघाट में हुए प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता का अभाव है। हालांकि, CEC ने इस विरोध पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की और मंदिर में दर्शन के बाद अपनी बैठकों के दौर में व्यस्त हो गए।
🗳️ भाजपा की मांग: 3 फेज में ही हों चुनाव
इधर, सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चुनाव आयोग की फुल बेंच से मुलाकात की। भाजपा ने मांग उठाई कि:
2026 का चुनाव केवल 3 चरणों (Phases) में संपन्न कराया जाए।
हिंसा मुक्त चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
गौरतलब है कि पिछले चुनावों में चरणों की संख्या को लेकर काफी विवाद रहा है, ऐसे में भाजपा का यह प्रस्ताव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📊 बंगाल चुनाव: क्या है समीकरण?
कुल सीटें: 294
कार्यकाल समाप्त: 7 मई, 2026
संभावित समय: अप्रैल 2026 में मतदान की उम्मीद।
पिछला प्रदर्शन: 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था।
💼 चुनाव आयोग का एक्शन प्लान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 3 दिनों तक चलने वाली इस ‘फुल बेंच मीटिंग’ में चुनाव की तारीखों, सुरक्षा बलों की तैनाती और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। आयोग का लक्ष्य है कि 7 मई से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।








