फर्जी ‘सपोर्ट चैटबॉट’ और ‘लिंक्ड डिवाइसेस’ के जरिए हैक हो रहे हैं अकाउंट्स; डच इंटेलिजेंस ने जारी की चेतावनी
नई दिल्ली/एम्सटर्डम। अपनी अभेद्य सुरक्षा के लिए मशहूर मैसेजिंग ऐप Signal और दुनिया के सबसे लोकप्रिय ऐप WhatsApp की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सोमवार (9 मार्च, 2026) को जारी एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, रूस समर्थित साइबर हमलावर (State-backed Hackers) बड़े पैमाने पर सरकारी अधिकारियों, सैन्य कर्मियों, राजनयिकों और पत्रकारों के निजी संचार को हैक कर रहे हैं।
🕵️ कैसे हो रहा है हमला? (हैकर्स का नया ‘ट्रैप’)
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि हैकर्स किसी तकनीकी खामी के बजाय ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और ‘फिशिंग’ का सहारा ले रहे हैं:
फर्जी सपोर्ट बॉट: हैकर्स खुद को ‘Signal Support’ या ‘Security Chatbot’ बताकर यूजर्स को मैसेज भेजते हैं। इसमें दावा किया जाता है कि अकाउंट की सुरक्षा खतरे में है और उसे बचाने के लिए यूजर को अपना Verification Code या PIN साझा करना होगा।
लिंक्ड डिवाइसेस का खेल: एक बार कोड मिलते ही हैकर्स यूजर के अकाउंट को अपने डिवाइस से ‘लिंक’ (Link) कर लेते हैं। इसके बाद वे यूजर की जानकारी के बिना उसके सभी ग्रुप चैट्स और आने वाले मैसेज पढ़ सकते हैं।
मालिशियस QR कोड: कई मामलों में हैकर्स फर्जी ग्रुप इनवाइट या सिक्योरिटी अलर्ट के जरिए खतरनाक QR कोड स्कैन कराकर अकाउंट का एक्सेस हासिल कर रहे हैं।
🎯 निशाने पर कौन हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील और गोपनीय जानकारी चुराना है। निशाना बनने वाले मुख्य लोग हैं:
उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी और सिविल सेवक। 🏛️
सैन्य कर्मी और रक्षा विशेषज्ञ। 🎖️
खोजी पत्रकार और राजनीतिक कार्यकर्ता। ✍️
🔒 ऐप सुरक्षित हैं, यूजर सावधान रहें!
Signal ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उसका इन्फ्रास्ट्रक्चर और एन्क्रिप्शन पूरी तरह सुरक्षित है। यह हमला ऐप की तकनीक पर नहीं, बल्कि यूजर की सावधानी पर है। हैकर्स यूजर्स को धोखा देकर खुद ही जानकारी उगलवा रहे हैं।
⚠️ खुद को कैसे बचाएं? (सुरक्षा टिप्स)
कोड कभी साझा न करें: Signal या WhatsApp सपोर्ट कभी भी आपसे इन-ऐप मैसेज या कॉल पर आपका ‘वेरिफिकेशन कोड’ या ‘PIN’ नहीं मांगता।
अनजान लिंक और QR कोड से बचें: किसी भी अनजान स्रोत से आए ग्रुप इनवाइट लिंक या QR कोड को स्कैन न करें।
लिंक्ड डिवाइसेस चेक करें: अपने ऐप की सेटिंग में जाकर ‘Linked Devices’ की जांच करें। यदि कोई अनजान डिवाइस दिखे, तो उसे तुरंत लॉग-आउट (Unlink) करें।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अपने अकाउंट पर मजबूत PIN सेट करें और ‘Registration Lock’ ऑन रखें।








