नसीराबाद, रायबरेली।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के चाहे जितने भी दावे किए जा रहे हों, लेकिन रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र में जमीनी हकीकत इसके उलट है। यहाँ पुलिस चोरों के सामने पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रही है। आलम यह है कि पिछले एक हफ्ते से चोरों ने पुलिस को सीधी चुनौती देते हुए इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
ताजा वारदात: सुजवारिया गांव में लाखों की चोरी
ताजा मामला अशोक नगर, सुजवारिया का है, जहाँ पीड़िता मंजू देवी (पत्नी हंसराज) के घर को चोरों ने निशाना बनाया। पीड़िता ने थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि रात करीब 1:00 बजे जब उनकी नींद खुली, तो घर के सारे दरवाजे खुले मिले। अंदर जाने पर सारा सामान बिखरा हुआ था। चोरों ने बक्से में रखे सोने-चांदी के जेवरात, जिनमें 4 अंगूठी, पायल, झुमका, मंगलसूत्र, कमरपेटी और पायजेब शामिल थे, पार कर दिए। इसके अलावा चोर मोबाइल और 10,000 रुपये नकद भी समेट ले गए।
पुलिस की लचर कार्यप्रणाली पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ ‘पूरे राई’ में दिनदहाड़े तमंचे के बल पर हुई लूट की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि उसी रात चोरों ने सुजवारिया में इस बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। नसीराबाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
रात्रि गस्त नदारद: क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि इलाके में रात के समय पुलिस की गस्त केवल कागजों तक सीमित है।
शून्य रिकवरी: पिछले एक हफ्ते में हुई कई वारदातों में से पुलिस अब तक एक भी मामला सुलझाने या सामान बरामद करने में नाकाम रही है।
बुलंद हौसले: पुलिस की ढिलाई के कारण अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है।
जनता में भारी आक्रोश और दहशत
लगातार हो रही चोरियों से ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल है। लोग रात भर जागकर अपने माल-मवेशी और घरों की रखवाली करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इन चोरियों का खुलासा नहीं हुआ और गस्त नहीं बढ़ाई गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संपादकीय टिप्पणी: क्या नसीराबाद पुलिस अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेगी या चोर इसी तरह आम जनता की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करते रहेंगे? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।








