असोथर (फतेहपुर)।
भैरवा गांव में होली के दिन हुए दलित युवक कुलदीप पासवान की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, घटना के चार मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
इलाज के दौरान तोड़ा था दम
बता दें कि होली के दिन हुए विवाद में कुलदीप पासवान को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया था। कानपुर में इलाज के दौरान 7 मार्च को उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गांव के रसूखदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
जेल भेजे गए आरोपी और उनका ‘काला इतिहास’
थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
राकेश कुमार गुप्ता (ग्राम प्रधान)
राजेंद्र तिवारी
विपिन तिवारी
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार प्रधान राकेश कुमार गुप्ता का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, उस पर वर्ष 2021 में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
इन आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद अमन तिवारी, ब्रह्मभेष तिवारी, आशीष तिवारी और शिवा तिवारी अभी भी फरार हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गांव में तनाव, पुलिस की पैनी नजर
दलित युवक की हत्या के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।








