लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी नहीं चलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी गैस एजेंसी ग्राहक को सिलेंडर देने से इनकार करती है, तो उस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए और एजेंसी को सीज कर दिया जाए। मुख्यमंत्री के इस कड़े आदेश के बाद पूरे प्रदेश के गैस वितरकों में हड़कंप मच गया है।
हापुड़ और देवरिया में एजेंसियां सीज
मुख्यमंत्री के आदेश का असर जमीन पर दिखने लगा है। हापुड़ जिले की जानी-मानी महेंद्र गैस एजेंसी को अनियमितताओं और ग्राहकों को सिलेंडर न देने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सीज कर दिया है। इसी तरह की कड़ी कार्रवाई देवरिया जिले में भी की गई है, जहां एक अन्य एजेंसी को नियमों के उल्लंघन के आरोप में बंद कर दिया गया है।
जनता के लिए सख्त संदेश
शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई एजेंसी स्टॉक होने के बावजूद सिलेंडर नहीं देती है या ग्राहकों को परेशान करती है, तो संबंधित जिले के अधिकारियों को सीधे कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं।
कैसे करें शिकायत? (Helpline Numbers)
यदि आपके क्षेत्र में भी कोई गैस एजेंसी सिलेंडर देने से मना करती है, तो आप घर बैठे इन टोल-फ्री नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
Indane (इण्डेन): 1800-2333-555
Bharat Gas (भारत गैस): 1800-22-4344
HP Gas (एचपी गैस): 1800-2333-555
बड़ी बात: इन नंबरों पर दर्ज शिकायतों पर न केवल कंपनी स्तर पर बल्कि अब राज्य सरकार के स्तर पर भी कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है।
संपादन (Editor’s Desk): यह कदम आम नागरिकों को बिचौलियों और एजेंसी मालिकों के शोषण से बचाने के लिए उठाया गया है। यूपी सरकार का लक्ष्य है कि ‘उज्ज्वला’ और सामान्य कनेक्शन धारकों को समय पर रिफिल उपलब्ध हो सके।








