किशनपुर (उत्तर प्रदेश): विकास के दावों और गुणवत्ता की बड़ी-बड़ी बातों के बीच किशनपुर से गुरुवल संपर्क मार्ग के निर्माण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। यहाँ सड़क निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र ग्रामीणों ने न केवल निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि दो दिन पहले बनी सड़क को अपने हाथों से उखाड़कर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रमुख बिंदु: निर्माण में मानकों की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा नियमों और मानकों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। विरोध के दौरान निम्नलिखित मुख्य शिकायतें सामने आईं:
चटाई जैसी पतली परत: ग्रामीणों ने दिखाया कि सड़क पर डामर और गिट्टी की सतह इतनी पतली है कि वह किसी ‘चटाई’ की तरह हाथ से ही उखड़ रही है।
घटिया सामग्री का प्रयोग: निर्माण में पुरानी और मानक विहीन सामग्री का इस्तेमाल कर मोटी रकम ठिकाने लगाने का आरोप लगाया गया है।
दो दिन में ही उखड़ी सड़क: जो सड़क महीनों चलनी चाहिए थी, वह निर्माण के महज 48 घंटों के भीतर ही टूटने लगी है।
ग्रामीणों ने लगाया ‘कमीशनखोरी’ का आरोप
मौके पर हंगामा कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से यह धांधली की जा रही है। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जनता को केवल धूल झोंकने वाला काम दिया जा रहा है।
“हम कई सालों से इस सड़क की मांग कर रहे थे, लेकिन अब जब काम शुरू हुआ है तो गुणवत्ता के नाम पर मजाक हो रहा है। अगर अभी यह हाल है, तो पहली बारिश में इस सड़क का नामोनिशान मिट जाएगा।” — स्थानीय निवासी
आगे की मांग
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। जब तक जांच पूरी नहीं होती और मानक के अनुसार काम सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।








