फतेहपुर (असोथर): क्या जनता के विकास का पैसा ग्राम प्रधान की जेब में जा रहा है? ऐझी ग्रामसभा में मचे घमासान ने अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
📍 भ्रष्टाचार के घेरे में ग्राम प्रधान!
ग्रामीणों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। सौरभ सिंह और मानसिंह जैसे जागरूक ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान हेमसुता और उनके करीबियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप बेहद गंभीर हैं—जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी बजट के साथ खिलवाड़ किया गया है।
📊 इन ‘घोटालों’ की होगी बारीकी से जांच:
भ्रष्टाचार की आंच इन प्रमुख कार्यों तक पहुँच रही है:
👷 मनरेगा: क्या कागजों पर ही मजदूरों के हक पर डाका डाला गया?
🚰 हैंडपंप रिबोर: पानी के नाम पर बजट का बंदरबांट?
🧱 नाली व तालाब खुदाई: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और वित्तीय हेरफेर।
⚖️ कलेक्टर के निर्देश पर मची खलबली!
शिकायत सीधे मुख्यमंत्री की चौखट तक पहुँचने के बाद, जिलाधिकारी के आदेश पर BDO राहुल मिश्रा ने एक्शन मोड में आते हुए 3 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
🚨 बड़ी अपडेट: कमलेश सिंह (संयुक्त BDO), अवध नारायण (JE, लघु सिंचाई) और अर्पित रस्तोगी (ADO सांख्यिकीय) की टीम अब मौके पर जाकर फाइलों और जमीनी हकीकत का मिलान करेगी।
⏳ 5 दिन का अल्टीमेटम:
प्रशासन ने जांच टीम को केवल 120 घंटे (5 दिन) का समय दिया है। क्या इस छोटी सी अवधि में भ्रष्टाचार के बड़े चेहरे बेनकाब होंगे?
🔔 India Varta News की पैनी नज़र इस जांच पर बनी रहेगी।








