फतेहपुर। जनपद के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता से बचाने के लिए शासन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की विस्तृत कार्ययोजना जारी कर दी है। वर्ष 2023-26 के लिए जनपद में यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लि0 को बीमा कार्यों के लिए नामित किया गया है।
उप कृषि निदेशक सतेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को समय पर सूचना देना अनिवार्य है।
इन फसलों और जोखिमों को मिला सुरक्षा कवच
जनपद में रबी सीजन की मुख्य फसलों को ग्राम पंचायत स्तर पर अधिसूचित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
फसलें: गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों और आलू।
कवर किए गए जोखिम: सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, भूस्खलन, चक्रवात, जलभराव, आकाशीय बिजली से आग, और रोगों/कृमियों से होने वाली क्षति।
कटाई के बाद भी सुरक्षा: फसल कटाई के बाद अगले 14 दिनों तक यदि खेत में सूखने के लिए रखी फसल ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से खराब होती है, तो भी किसान बीमा के हकदार होंगे।
नुकसान होने पर क्या करें किसान?
हाल ही में हुई अत्यधिक वर्षा और तेज हवाओं के कारण यदि किसी किसान की फसल को क्षति पहुँची है, तो उन्हें निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
समय सीमा: फसल क्षति के 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य है।
हेल्पलाइन नंबर: बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें।
कार्यालय संपर्क: किसान सीधे बीमा कंपनी के कार्यालय या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
विशेष नोट: उप कृषि निदेशक ने अपील की है कि किसान अपनी शिकायतों को दर्ज कराने में देरी न करें, ताकि समय रहते सर्वे कराकर उन्हें उचित क्षतिपूर्ति (Clam) दिलाई जा सके।








