फतेहपुर | 27 मार्च 2026
जनपद के ग्राम पंचायत रिठवां में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। आचार्य राजा राजकुमार मौर्य के सौजन्य से आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में न केवल स्थानीय ग्रामीणों ने, बल्कि क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक दिग्गजों ने शिरकत कर सम्राट अशोक के आदर्शों को नमन किया।
“संविधान की नींव में हैं सम्राट अशोक के आदर्श” — पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति
मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे तिंदवारी के पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का वर्तमान संविधान सम्राट अशोक के लोककल्याणकारी सिद्धांतों से प्रेरित है। उन्होंने गर्व से रेखांकित किया कि:
तिरंगे के मध्य सुशोभित अशोक चक्र मौर्य वंश की ही देन है।
हमारा राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ देश की अमूल्य धरोहर है।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह से संविधान की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया।
अखंड भारत के गौरव का हुआ गुणगान
संविधान रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मानव ने सम्राट अशोक के विशाल साम्राज्य (अफगानिस्तान से बांग्लादेश और कश्मीर से कर्नाटक तक) का उल्लेख करते हुए समाज को अपने गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने की प्रेरणा दी। वहीं, भाजपा जिला महामंत्री सुशीला मौर्य ने सम्राट अशोक की करुणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने न केवल मनुष्यों बल्कि पशुओं के लिए भी चिकित्सालय बनवाए थे, जो उनके ‘सर्वजन हिताय’ दृष्टिकोण को दर्शाता है।
युवाओं को शिक्षा और समानता का संदेश
बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवा रावत ने सम्राट अशोक के शासनकाल को समता और भाईचारे का स्वर्णिम युग बताया और युवाओं से अपील की कि वे शिक्षित बनकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। कार्यक्रम में मौर्य उत्थान समिति के अध्यक्ष विजय बहादुर मौर्य ने समाज के बच्चों के लिए नवनिर्मित छात्रावास की जानकारी दी और लोगों से इसका लाभ उठाने का आग्रह किया।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता राजकुमार मौर्य की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में शिव नरेश मौर्य, अजय सिंह मौर्य, फूल सिंह मौर्य, शिवधेश मौर्य (एडवोकेट), सुशील मौर्य, अनिल मौर्य, सुमित मौर्य, अखिलेश मौर्य, जयकरन मौर्य, अजीत मौर्य, प्रदीप मौर्य, जीवन पाल पासवान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: समारोह के अंत में सभी उपस्थित जनों ने सम्राट अशोक के बताए शांति, सद्भाव और अहिंसा के मार्ग पर चलने तथा समाज में एकता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।








