रिपोर्ट: शिवप्रकाश
फतेहपुर (हुसैनगंज)। जनपद के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में देर रात हुई एक संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। जहाँ एक ओर इसे सड़क हादसा बताया जा रहा है, वहीं मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए फतेहपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे-232 पर जाम लगा दिया। लगभग चार घंटे तक चले इस हंगामे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
मृतक युवक के परिजनों का आरोप है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। मृतक की मां रामकली ने रोते हुए बताया, “मेरा बेटा तो ठीक से मोटरसाइकिल तक नहीं चला पाता था, फिर वह अचानक ट्रैक्टर कैसे चलाने लगा?” परिजनों का दावा है कि उनके बेटे की हत्या कर उसे हादसे का रूप देने के लिए शव को सड़क पर फेंका गया है।
तीन बहनों का इकलौता सहारा था युवक
घटना के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने पिता की अनुपस्थिति में (जो बाहर रहकर कमाते हैं) परिवार का मुख्य सहारा था और अपनी तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। भाई की संदिग्ध मौत से बहनों का बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रही हैं।
हाईवे जाम: प्रशासन के फूले हाथ-पांव
आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने हाईवे पर धरना देकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। सूचना मिलते ही हुसैनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब 4 घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और मान-मनौव्वल का दौर चला। पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद ही जाम खोला जा सका।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है।
जांच का बिंदु: क्या युवक खुद ट्रैक्टर चला रहा था या उसे वहां लाकर डाला गया?
पीएम रिपोर्ट: मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
👉 फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्थानीय लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है।








