रिपोर्ट: आदर्श सिंह (ब्लॉक संवाददाता)
असोथर (फतेहपुर)।
एक ओर जहाँ शादियों की शहनाइयाँ गूँज रही हैं, वहीं दूसरी ओर असोथर नगर पंचायत में इंडेन गैस एजेंसी की लचर व्यवस्था ने आम जनमानस का जीना मुहाल कर दिया है। कस्बे सहित ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं, जिससे न केवल घरों का चूल्हा बुझने की कगार पर है, बल्कि मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारियों में भी भारी संकट खड़ा हो गया है।
शादी वाले परिवारों की बढ़ी मुश्किलें

वर्तमान में वैवाहिक सीजन चरम पर है। ऐसे में गैस की किल्लत ने कन्या और वर पक्ष, दोनों की नींद उड़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसी के चक्कर काटने के बावजूद घंटों इंतजार के बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। स्थिति यह है कि हलवाई और कैटरर्स ने गैस न होने पर काम बीच में ही छोड़ने की चेतावनी दे दी है, जिससे परिवारों में भारी मानसिक तनाव बना हुआ है।
व्यापारी भी परेशान, ब्लैक मार्केटिंग की आशंका
सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने स्थानीय होटल संचालकों और छोटे दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि गैस की इस कृत्रिम किल्लत के पीछे ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) का खेल हो सकता है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि एजेंसी के कर्मचारी सही जानकारी देने के बजाय अभद्र व्यवहार पर उतारू रहते हैं।
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय निवासियों और पीड़ित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और एजेंसी की कार्यशैली की जांच नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को विवश होंगे।








