लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा का शिकार होकर भारत आए 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को जनपद लखीमपुर खीरी में स्थायी रूप से बसा दिया गया है। इन परिवारों को न केवल रहने के लिए जमीन दी गई है, बल्कि जीवन यापन के लिए सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
तीन तहसीलों के गांवों में हुआ पुनर्वास
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इन परिवारों को जनपद की तीन प्रमुख तहसीलों में व्यवस्थित किया गया है:
धौरहरा
गोला
मोहम्मदी
इन तहसीलों के विभिन्न गांवों में चिन्हित भूमि पर इन परिवारों को आवास और कृषि कार्य के लिए आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई है।
हिंसा के कारण छोड़ना पड़ा था वतन
ये सभी परिवार दशकों पहले पड़ोसी देश बांग्लादेश में भड़की सांप्रदायिक हिंसा और उत्पीड़न से अपनी जान बचाकर शरणार्थी के रूप में भारत आए थे। लंबे समय तक ये परिवार बिना किसी औपचारिक व्यवस्था और पहचान के संघर्ष कर रहे थे। पूर्व की सरकारों में इनके स्थायी पुनर्वास को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बन पाई थी, जिसके कारण ये बुनियादी अधिकारों से वंचित थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिलीं बुनियादी सुविधाएं
योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इन विस्थापितों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की। अब इन्हें जमीन के साथ-साथ:
पक्के आवास (सरकारी योजनाओं के तहत)
स्वच्छ पेयजल की सुविधा
बिजली कनेक्शन
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
दशकों बाद अपनी जमीन और अपना घर मिलने से इन 331 परिवारों में भारी उत्साह और खुशी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है, जिससे इन विस्थापितों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिला है।








