फतेहपुर। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन की जिला कमेटी फतेहपुर के नेतृत्व में मंगलवार को खेत मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना को समाप्त कर “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण)” योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों और खेत मजदूरों के हित प्रभावित होंगे। संगठन ने मनरेगा को पुराने स्वरूप में बहाल रखने की मांग उठाई।
ज्ञापन में खेत मजदूरों के लिए वर्ष में 200 दिन रोजगार और न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने, काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने, 55 वर्ष की आयु के बाद 6000 रुपये मासिक पेंशन लागू करने तथा सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की गई।
इसके अलावा संगठन ने ग्रामीण खेत मजदूरों को जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, आवास के लिए जमीन व आर्थिक सहायता, खेती हेतु पर्याप्त भूमि आवंटन, बंद हो रहे प्राथमिक विद्यालयों को बचाने तथा शिक्षा संस्थानों में दलितों और आदिवासियों के साथ होने वाले भेदभाव पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।
यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान यूनियन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में खेत मजदूर मौजूद रहे।








