फतेहपुर। साइबर थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर मोबाइल, पर्स और एटीएम कार्ड चोरी करने तथा खातों से ऑनलाइन रुपये निकालने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और कई एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। वहीं गिरोह का सरगना, जो आरोपी का पिता बताया जा रहा है, पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि हाल के दिनों में साइबर थाना में दो ऐसे मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें रोडवेज बसों में यात्रा कर रहे लोगों के मोबाइल और एटीएम कार्ड चोरी होने के बाद उनके खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए थे। घटनाओं की जांच के लिए साइबर थाना और क्राइम डिटेक्शन टीम को लगाया गया था।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस हरदोई जिले तक पहुंची। जांच में पता चला कि पिता-पुत्र मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पिता बसों में यात्रियों से मेलजोल बढ़ाकर उनका सामान चोरी करता था, जबकि बेटा चोरी किए गए मोबाइल और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक खातों से रकम निकालता था।
पुलिस ने ज्वालागंज बस स्टैंड के पास से हरदोई के पिहानी निवासी हर्षित कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 1.25 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस बरामद मोबाइलों के आईएमईआई नंबर के जरिए उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाने में जुटी है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका पिता यात्रियों को विश्वास में लेकर वारदात को अंजाम देता था। इसके बाद एटीएम कार्ड का पिन रीसेट कर यूपीआई और एटीएम के जरिए खातों से पैसे निकाले जाते थे। एटीएम से निकासी की सीमा पूरी होने पर कार्ड के माध्यम से खरीदारी भी की जाती थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से अपने पिता के साथ उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य आरोपी दाताराम जोशी हरदोई का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।








