ब्यूरो चीफ राहुल द्विवेदी
कानपुर। भारतीय किसान यूनियन (मनीष) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट एम. जिया मलिक ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से जुड़ी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है और ऐसे मामलों में संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मीडिया को जारी बयान में एडवोकेट मलिक ने कहा कि यदि छात्र-छात्राएं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें रख रहे थे, तो संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास किया जाना चाहिए था। उनका मानना है कि लोकतंत्र में जनभावनाओं को सुनना और संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार प्रदान करता है और जनप्रतिनिधियों तथा सरकार से सवाल पूछना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। एडवोकेट मलिक ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक संवाद स्थापित होना चाहिए।
हालांकि, जंतर-मंतर पर हुई घटना के संबंध में प्रशासनिक पक्ष और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। मामले से संबंधित तथ्यों और आधिकारिक बयान के आधार पर ही स्थिति का पूर्ण आकलन किया जा सकेगा।








