फतेहपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, फतेहपुर में संगठनात्मक विवाद गहराता नजर आ रहा है। जिले की चार ब्लॉक कार्यकारिणियों—असोथर, भिटौरा, खजुहा और हसवा—के पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे के बाद संगठन के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि चारों ब्लॉक इकाइयों के पदाधिकारियों ने संगठन में लंबे समय से चुनाव न होने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पालन की मांग को लेकर अपने पदों से इस्तीफा दिया है। उनका कहना है कि ब्लॉक और जिला स्तर पर समयबद्ध चुनाव कराए जाने चाहिए, जिससे शिक्षकों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिल सके।
इस्तीफों के बाद शिक्षक समुदाय में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर संगठन में नियमित चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं। कई शिक्षक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि संगठन लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करता है तो उसके भीतर भी पारदर्शी और समयबद्ध चुनावी प्रक्रिया लागू होनी चाहिए।
वहीं, प्रदेश नेतृत्व की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में है। संगठन से जुड़े कई लोगों का कहना है कि अब सभी की निगाहें प्रांतीय नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश अध्यक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्राथमिक शिक्षकों की राजनीति से जुड़े प्रवीण त्रिवेदी और फूल सिंह कछवाह का कहना है कि संगठन के संवैधानिक पदों की अपनी मर्यादा होती है। यदि नियमावली के अनुसार समय-समय पर चुनाव कराए जाएं तो सभी शिक्षकों को नेतृत्व का अवसर मिलेगा और संगठन के भीतर विवाद की स्थिति भी कम होगी।
चार ब्लॉक कार्यकारिणियों के सामूहिक इस्तीफे ने शिक्षक संघ की आंतरिक राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब यह देखना होगा कि जिला और प्रदेश नेतृत्व चुनाव की मांग पर क्या फैसला लेता है और संगठन में उत्पन्न असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।








