93 सदस्यीय बैच के नौ दिवंगत साथियों को दी श्रद्धांजलि, विषम परिस्थितियों में मदद के लिए बनेगा सहायता कोष
फतेहपुर। समय बीता, जिम्मेदारियां बढ़ीं और जिंदगी अपनी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, लेकिन करीब 15 साल बाद जब सेवारत मृतक आश्रित नियुक्त बीटीसी प्रशिक्षण के साथी एक मंच पर जुटे तो पुरानी यादों की गर्माहट ने सभी को भावुक कर दिया। आबूनगर स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार को आयोजित ‘आत्मीय मिलन एवं स्मृति संगम समारोह’ में गले मिलते साथियों की आंखों में खुशी के साथ अपनापन भी साफ नजर आया।
93 सदस्यीय बैच के 65 साथी समारोह में शामिल हुए। लंबे अंतराल के बाद एक-दूसरे से मिलते ही प्रशिक्षण काल की यादें ताजा हो गईं। किसी ने पुराने किस्से सुनाए तो किसी ने साथ बिताए संघर्ष के दिनों को याद किया। कई मौके ऐसे आए जब साथी भावुक हो गए और आंखों से आंसू छलक पड़े।
कार्यक्रम की शुरुआत बैच के नौ दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। दो मिनट का मौन रखकर सभी ने अपने बिछड़े साथियों को याद किया। प्रशिक्षण के दौरान साथ बिताए पलों की स्मृतियां साझा करते हुए कई साथी भावुक हो उठे।
जरूरत में एक-दूसरे का सहारा बनने का संकल्प
समारोह में केवल मिलन और यादों तक सीमित न रहने का निर्णय लिया गया। साथियों की विषम परिस्थितियों में आर्थिक मदद के लिए सहायता कोष गठित करने पर सहमति बनी। साथ ही दिवंगत साथियों के परिजनों को ग्रेच्युटी सहित अन्य देयकों का लाभ दिलाने में सहयोग करने का निर्णय लिया गया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने शिक्षक हित से जुड़े मामलों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। दिग्विजय सिंह ने पेंशन और फंड संबंधी समस्याओं के समाधान में निस्वार्थ सहयोग का आश्वासन दिया।
गजल और रचनाओं ने बांधा समां
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भावुक बना दिया। विजय श्रीवास्तव की गजल ने साथियों को भाव-विभोर कर दिया। राकेश तिवारी ‘दाऊ’ ने अपनी रचना के जरिए जीवन और रिश्तों की वास्तविकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। स्मृति श्रीवास्तव की गजल और राजेंद्र सैनी की गमछे की व्याख्या पर आधारित प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम का संचालन अनुराग मिश्र ने किया। उनकी साहित्यिक और आत्मीय शैली ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा और रणनीति तैयार करने में जगदीश कुमार यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्राथमिक शिक्षक संघ नगर इकाई के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने संभाली।
हर वर्ष होगा आत्मीय मिलन
समापन पर जगदीश कुमार यादव ने कहा कि यह आयोजन केवल एक बार का मिलन नहीं, बल्कि पुराने रिश्तों को लगातार मजबूत करने की शुरुआत है। उन्होंने भविष्य में हर वर्ष मिलन समारोह आयोजित करने और पर्यटन स्थलों की सामूहिक यात्राएं करने की बात कही।
समारोह में विनोद सिंह, स्मृति श्रीवास्तव, रामदुलारे पाठक, लालसा यादव, प्रभावती, राखी, तारावती, अजय द्विवेदी, आदित्य गुप्त, सुधीर कुमार, अनूप सविता, राम नारायण मिश्र, सीपी वर्मा सहित 65 साथियों ने सहभागिता की।
करीब पांच घंटे चले समारोह में 15 साल पुराने रिश्तों में फिर वही गर्माहट दिखाई दी। बिछड़ने के बाद मिले साथियों ने एक-दूसरे का साथ हर परिस्थिति में निभाने और शिक्षक हित के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।








