पुलिस विवेचना में रिंकू लोहारी पक्ष पर फायरिंग का आरोप, दो फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम
फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए चर्चित विवाद और फायरिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक विवेचना के दौरान सामने आए वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद फायरिंग में रिंकू लोहारी पक्ष की भूमिका सामने आई है।
बताया गया कि 16 सितंबर को हसवा पुलिस चौकी के समीप बेशकीमती जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। देखते ही देखते विवाद ने मारपीट और फायरिंग का रूप ले लिया। घटना के बाद मौके के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके चलते मामला चर्चा में आ गया।
पुलिस के अनुसार जांच में पाया गया कि रिंकू लोहारी अपने साथ बलराम मिश्रा समेत अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा था। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग रिंकू लोहारी पक्ष की ओर से किए जाने की पुष्टि हुई, जबकि वीरेंद्र सिंह पक्ष की ओर से गोली चलाए जाने के प्रमाण जांच में नहीं मिले।
मामले में पुलिस ने रिंकू लोहारी, बलराम मिश्रा, पूतू उर्फ सुरेंद्र, शिवकुमार और गुड्डू पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं दीपू पटेल और गजानन मिश्रा अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों फरार आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस टीमों को घटना में इस्तेमाल किए गए असलहों की बरामदगी के लिए लगाया गया है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक हसवा चौकी प्रभारी की तहरीर पर दोनों पक्षों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान वायरल वीडियो समेत उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
घटना के बाद हसवा क्षेत्र में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले से संबंधित अपुष्ट सूचनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।








