यूपी की सड़कों पर फूटा जनता का गुस्सा, वाराणसी से लखनऊ तक प्रदर्शन; बलरामपुर में दर्ज हुआ पहला मुकदमा
लखनऊ/बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी के खिलाफ बिहार के एक मौलाना, अब्दुल्ला सलीम (चतुर्वेदी कासमी), द्वारा की गई बेहद शर्मनाक और अभद्र टिप्पणी ने पूरे प्रदेश में गुस्से की ज्वाला भड़का दी है। इस विवादास्पद बयान के विरोध में सोमवार को उत्तर प्रदेश के 83 थानों में शिकायतें दर्ज कराई गईं, जबकि बलरामपुर नगर कोतवाली में पुलिस ने मौलाना के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
🔥 21 लाख के इनाम का ऐलान और भारी प्रदर्शन
मौलाना के इस बयान से आहत हिंदू युवा वाहिनी और अन्य हिंदू संगठनों ने वाराणसी की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना का पुतला दहन किया और उसकी गिरफ्तारी की मांग की। इस बीच, वाराणसी के हिंदूवादी नेता विनय सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं ने आरोपी मौलाना का सिर कलम करने वाले को 21 लाख रुपये का इनाम देने का सार्वजनिक ऐलान कर दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन और भी उग्र होगा।
⚖️ कानूनी कार्रवाई: 83 थानों में तहरीर, बलरामपुर में केस दर्ज
बलरामपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (अपमान) और 353-2 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप: मौलाना ने न केवल मुख्यमंत्री की माताजी पर व्यक्तिगत और भद्दी टिप्पणी की, बल्कि बिहार में एक मजहबी जलसे के दौरान गौकशी कानून के खिलाफ भी अल्पसंख्यकों को भड़काने का प्रयास किया।
विस्तार: लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर और प्रयागराज समेत प्रदेश के कुल 83 थानों में विभिन्न संगठनों द्वारा तहरीर दी गई है, जिससे मौलाना की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
👮 पुलिस और प्रशासन का रुख
लखनऊ और बलरामपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन राजधानी लखनऊ की सड़कों पर भी ‘गो बैक’ और ‘मौलाना को फांसी दो’ के नारों के साथ भारी भीड़ देखी जा रही है।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि, “भारतीय संस्कृति में मां सर्वोच्च पूजनीय है। ऐसी ओछी मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।”








