हैसियत प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने के नाम पर मांगी थी घूस, पीड़ित की शिकायत पर बिछाया गया जाल
बरेली। उत्तर प्रदेश शासन की भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत बरेली में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार को टीम ने तहसील परिसर से लेखपाल महेश पाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरी तहसील में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से खिसकते नजर आए।
💸 हैसियत प्रमाण पत्र के बदले ‘सेवा शुल्क’
मिली जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित व्यक्ति ने अपने हैसियत प्रमाण पत्र (Solvency Certificate) के लिए आवेदन किया था। इस प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज में लेखपाल महेश पाल ने उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित बार-बार चक्कर काट रहा था, लेकिन बिना पैसे के काम करने को लेखपाल तैयार नहीं था।
🕵️ एंटी करप्शन टीम का बिछाया जाल
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत बरेली की एंटी करप्शन टीम से की। टीम ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए फौरन जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित ने तहसील परिसर में लेखपाल महेश पाल को केमिकल लगे नोट थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही लेखपाल के हाथ लाल हो गए, जिससे घूस लेने की पुष्टि हो गई।
⚖️ तहसील में मचा हड़कंप, विधिक कार्रवाई शुरू
लेखपाल की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही तहसील कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर टीम अपने साथ ले गई है, जहाँ उसके खिलाफ संबंधित थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।








