कब्रिस्तान और लहलहाती फसलों पर जबरन दौड़ाए जा रहे ट्रक; डीएम से न्याय की गुहार, राजस्व कर्मियों पर भी गंभीर आरोप
फतेहपुर। जिले में मोरम माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे न तो कानून को मान रहे हैं और न ही इंसानी संवेदनाओं को। ताजा मामला थाना ललौली के अढ़ावल गांव का है, जहां मोरम के ठेकेदारों द्वारा ग्रामीणों की निजी भूमि और यहां तक कि कब्रिस्तान से जबरन ट्रक निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलवार को भारी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई।
🚜 फसलों को रौंद रहे माफिया, कब्रिस्तान भी नहीं सुरक्षित
ग्रामीणों का आरोप है कि अढ़ावल घाट से मोरम लादकर निकलने वाले भारी ट्रक उनकी निजी खेती योग्य भूमि से होकर गुजर रहे हैं। पीड़ित किसानों ने बताया कि उनकी जमीन (गाटा संख्या 1192 क, 698 क, 708 क, 709 क, 744) पर वर्तमान में सरसों की फसल लहलहा रही है, जिसे माफिया गुंडई के बल पर रौंद रहे हैं। हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके बुजुर्गों के कब्रिस्तान के ऊपर से भी जबरन ट्रक निकाले जा रहे हैं। विरोध करने पर ठेकेदारों के गुर्गे अपशब्दों का प्रयोग करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं।
⚖️ राजस्व अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों ने स्थानीय राजस्व कर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि:
राजस्व अधिकारी मोरम ठेकेदारों के प्रभाव में आकर गलत तरीके से पैमाइश कर रहे हैं।
बिना किसी वैज्ञानिक नाप के, अधिकारी ‘उंगली के इशारे’ से माफियाओं को रास्ता बता रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी निजी भूमि को जबरन रास्ता घोषित करने की साजिश रची जा रही है।
📢 इन लोगों ने बुलंद की आवाज
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से बराती लाल, मूलचंद, प्रेम नारायण, शिवम, राजकुमार, अतुल सिंह, केसा, सांवली, रहीस, महबूब अली, सत्तार अली, मुश्ताक, हनीफ, सलीम, पप्पू सिंह, शिवसेवक सिंह, केसनिया, भोलिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं।








