प्रयागराज/लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के करोड़ों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बोर्ड की साख को और अधिक मजबूत करने और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने मार्कशीट और प्रमाण पत्रों के स्वरूप में क्रांतिकारी बदलाव करने का निर्णय लिया है।
अब ‘नॉन-टियरएबल’ होगी मार्कशीट
नए बदलाव के तहत अब यूपी बोर्ड की मार्कशीट ‘नॉन-टियरएबल’ (Non-Tearable) होगी। इसका मतलब है कि यह विशेष मैटेरियल से बनी होगी जिसे सामान्य तरीके से फाड़ा नहीं जा सकेगा। अक्सर छात्रों की मार्कशीट कटने-फटने या नमी से खराब हो जाती थी, लेकिन अब यह बरसों-बरस नए जैसा सुरक्षित रहेगी।
16 सिक्योरिटी फीचर्स: जाली मार्कशीट बनाना अब ‘मिशन इम्पॉसिबल’
अक्सर देखने में आता था कि शरारती तत्व या जालसाज फर्जी मार्कशीट बनाकर नौकरियों में सेंधमारी करते थे। लेकिन अब ऐसा करना नामुमकिन होगा। नई मार्कशीट में 16 हाई-टेक सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े गए हैं:
नंगी आंखों से पहचान: कुछ फीचर्स ऐसे होंगे जिन्हें आम आदमी सीधे देखकर असली-नकली का फर्क कर सकेगा।
UV रेज तकनीक: कुछ विशेष मार्क और कोडिंग केवल अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों के नीचे ही दिखाई देंगे।
लेंस से जांच: कुछ बेहद बारीक सुरक्षा कोड्स को देखने के लिए विशेष मैग्नीफाइंग लेंस की जरूरत होगी।
बोर्ड का उद्देश्य: इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य यूपी बोर्ड के सर्टिफिकेट्स की ग्लोबल क्रेडिबिलिटी (वैश्विक विश्वसनीयता) को बढ़ाना है ताकि विदेश में पढ़ाई या बड़ी कंपनियों में वेरिफिकेशन के दौरान छात्रों को कोई परेशानी न हो।
प्रमुख विशेषताएं एक नजर में:
बदलाव विवरण
मटेरियल नॉन-टियरएबल (न फटने वाला विशेष सिंथेटिक पेपर)
सुरक्षा चक्र 16 अलग-अलग लेयर्स की कोडिंग
टेक्नोलॉजी UV लाइट और लेंस आधारित वेरिफिकेशन
फायदा जाली दस्तावेजों और फर्जीवाड़े पर 100% लगाम








