निर्माणाधीन भवन के टैंकर से प्यास बुझा रहे स्कूली बच्चे, अधिकारी बेखबर।

बहुआ (फतेहपुर)। डिजिटल इंडिया और ‘पढ़ेगा इंडिया-बढ़ेगा इंडिया’ के दावों के बीच फतेहपुर के बहुआ से आई तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। यहाँ के एक प्राथमिक विद्यालय में 152 बच्चों का भविष्य प्यास और जानलेवा खतरे के बीच झूल रहा है। पिछले 60 दिनों से स्कूल की प्यास बुझाने वाली पाइपलाइन टूटी पड़ी है, लेकिन रसूखदार कुर्सी पर बैठे जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

हादसे को दावत: नेशनल हाईवे और नन्हें कदम

सबसे डरावनी हकीकत यह है कि स्कूल के बच्चों को पानी पीने के लिए विद्यालय से 200 मीटर दूर नेशनल हाईवे पार करना पड़ता है। तेज रफ्तार दौड़ते ट्रकों और बसों के बीच से गुजरकर बच्चे दूसरी ओर लगे हैंडपंप तक जाते हैं।

“क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? अगर सड़क पार करते वक्त किसी बच्चे के साथ अनहोनी हुई, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?” — यह सवाल आज हर अभिभावक पूछ रहा है।

टैंकर का ‘मटमैला’ पानी और एमडीएम का संकट

स्कूल में मिड-डे मील (MDM) बनाना अब किसी जंग जीतने जैसा है। रसोइया सावित्री बताती हैं कि उन्हें दूर-दूर से बाल्टियों में पानी भरकर लाना पड़ता है। हाल ही में बच्चे एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के लिए आए कन्स्ट्रक्शन टैंकर से पानी पीते नजर आए। जिस पानी से दीवारें चुनी जानी थीं, उससे नौनिहालों का गला तर हो रहा है और रसोइया उसी पानी से खाना बनाने को मजबूर हैं।

फाइलें और बहाने: सिस्टम की सुस्ती

स्कूल की प्रधानाध्यापिका नीलम सिंह का कहना है कि दो महीने पहले बाउंड्रीवॉल निर्माण के समय पाइपलाइन टूटी थी। नगर पंचायत ईओ को कई बार फोन किया गया, गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ ‘आश्वासन’ मिला।

अधिकारियों का पक्ष:

नगर पंचायत के ईओ आशीष चक्रवर्ती का रटा-रटाया जवाब है कि “टैंकर भेजे जाते हैं और जल्द समस्या दूर होगी।” सवाल यह है कि यह ‘जल्द’ कब आएगा? क्या दो महीने का समय एक पाइपलाइन ठीक करने के लिए काफी नहीं था?

मुख्य बिंदु जो व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं:

लापरवाही: 60 दिन से पाइपलाइन क्यों नहीं जुड़ी?

जोखिम: बच्चों को हाईवे पार करने की अनुमति क्यों दी जा रही है?

स्वच्छता: क्या टैंकर का पानी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है?

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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