मेरठ (मवाना)। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। थाना मवाना पुलिस ने एक शातिर गिरोह को दबोचते हुए भारी मात्रा में नकली NCERT पुस्तकें बरामद की हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से पुस्तक माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की बड़ी कामयाबी: 15 लाख का जखीरा बरामद
मवाना पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
राहुल यादव
राहुल राणा (इस पर पूर्व में भी मारपीट और जुआ अधिनियम के मुकदमे दर्ज हैं)
बाबर
पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 13,000 नकली NCERT पुस्तकें बरामद की हैं, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, किताबों की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले दो वाहन (वैगन-आर और टाटा एस) भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
कैसे चलता था काला खेल?
यह गिरोह असली NCERT पुस्तकों के नाम पर कम गुणवत्ता वाले कागजों पर छपी नकली किताबें बाजारों और स्कूलों में सप्लाई करता था। बरामदगी से साफ है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है और कई जिलों में फैला हो सकता है।
अपराधिक इतिहास और कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राहुल राणा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी गंभीर धाराओं में जेल जा चुका है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य गुर्गों और उन प्रिंटिंग प्रेसों की तलाश कर रही है जहाँ इन नकली किताबों की छपाई की जा रही थी।
अभिभावकों के लिए संदेश: नया शैक्षिक सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही पुस्तकें खरीदें और NCERT के होलोग्राम व गुणवत्ता की जांच अवश्य करें।








