त्रिस्तरीय कमेटी की जांच में सभी विकास कार्य मिले सही, शिकायतकर्ताओं के आरोप साबित हुए निराधार
असोथर (फतेहपुर): विकास खंड असोथर की ग्राम सभा ऐझी में विकास कार्यों और मनरेगा में धांधली के आरोपों को लेकर चल रहा विवाद अब शांत हो गया है। प्रशासन द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच कमेटी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में ग्राम प्रधान और संबंधित विभाग को क्लीन चिट दे दी है। जांच में भ्रष्टाचार के सभी आरोप पूरी तरह से निराधार पाए गए हैं।
क्या था मामला?
ग्राम निवासी सौरभ सिंह, मानसिंह और अन्य ने ग्राम प्रधान हेमसुता व उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि मनरेगा, हैंडपंप रिबोर, नाली निर्माण और तालाब खुदाई के कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया था।
जांच में तथ्यों की हुई पुष्टि
17 मार्च 2026 को जांच टीम ने गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायतकर्ता आरोपों से संबंधित कोई भी ठोस विवरण या साक्ष्य टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच के मुख्य बिंदु:
हैंडपंप रिबोर: शिकायतकर्ताओं द्वारा बताए गए सभी 5 हैंडपंप स्थलों का भौतिक सत्यापन किया गया, जो पूरी तरह क्रियाशील मिले।
तालाब खुदाई (अमृत सरोवर): कुमारगढ़वा तालाब और फतेह तालाब के निरीक्षण में ग्रामीणों और श्रमिकों ने पुष्टि की कि कार्य पूरी तरह मजदूरों द्वारा किया गया है, किसी मशीन का प्रयोग नहीं हुआ।
नाली निर्माण: स्थल पर नाली का निर्माण कार्य मानक के अनुसार पूर्ण पाया गया।
स्कूल भूमि प्रकरण: गाटा संख्या 921 (विद्यालय भूमि) से संबंधित धनराशि भी नियमानुसार बैंक खाते में सुरक्षित पाई गई।
मनरेगा भुगतान में नहीं मिली गड़बड़ी
शिकायतकर्ताओं ने 18 जॉब कार्डधारकों के भुगतान में हेराफेरी का आरोप लगाया था। हालांकि, जब जांच टीम ने साधना देवी, सोमदत्त, रामसुमेर, केवली, पुष्पेंद्र समेत अन्य लाभार्थियों के बयान दर्ज किए, तो किसी ने भी भुगतान न मिलने या धांधली की बात नहीं कही।
अधिकारी का कथन
खंड विकास अधिकारी (BDO) राहुल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सभी कार्य सही पाए गए हैं। उन्होंने कहा:
“गठित कमेटी ने मौके पर जाकर सूक्ष्मता से जांच की है। शिकायत तथ्यों पर आधारित नहीं थी और पूरी तरह निराधार साबित हुई है। ग्राम सभा में हुए कार्य मानकों के अनुरूप हैं।”








