जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव की नई कार्यकारिणी में हर खेमे को मिली जगह, 60 सदस्यों की लंबी सूची से साधा सियासी समीकरण
फतेहपुर/कानपुर क्षेत्र:
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बहुप्रतीक्षित नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सहमति के बाद जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव द्वारा जारी की गई इस सूची ने जिले के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस बार की टीम में ‘सबको साथ लेकर चलने’ की रणनीति साफ दिखाई दे रही है, जिसे आगामी चुनावों के मद्देनजर एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
संतुलन का गणित: दिग्गजों के समर्थकों को तरजीह
नई कार्यकारिणी में जिले के लगभग सभी प्रमुख गुटों और कद्दावर नेताओं के समर्थकों को जगह दी गई है। राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सूची कम और “राजनीतिक संतुलन की गणित” ज्यादा नजर आ रही है। महिला, पिछड़ा वर्ग और युवाओं के उचित प्रतिनिधित्व से पार्टी ने एक ‘इन्क्लूसिव’ (समावेशी) संदेश देने की कोशिश की है।
मुख्य पदों पर नई जिम्मेदारी
कार्यकारिणी में अनुभव और ऊर्जा का मिश्रण देखा जा सकता है:
जिला उपाध्यक्ष: नीरज सिंह, अपर्णा सिंह गौतम, उदय लोधी, रेखा मिश्रा, कुलदीप भदौरिया, पंकज त्रिपाठी और मधुराज विश्वकर्मा।
जिला महामंत्री: पुष्पराज पटेल, पंकज त्रिवेदी और सुशीला मौर्य।
जिला मंत्री: अरविंद सिंह, संतोष गुप्ता, ओम प्रकाश पाल, रेखा पासवान, विमलेश पाण्डेय, सुधीर मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह और सुनीता गुप्ता।
कोषाध्यक्ष: राज बहादुर पासवान (सह-कोषाध्यक्ष: अखिलेश कुमार, सुमित द्विवेदी, उमेश गुप्ता)।
कार्यालय प्रबंधन: ओम मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव और नीरज गुप्ता।
सोशल और मीडिया टीम भी हुई ‘अपडेट’
सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रवीण सिंह, शिवाकांत तिवारी, गौरव शुक्ला और प्रभुन तिवारी को मीडिया प्रभारी बनाया गया है, जबकि सोशल मीडिया और आईटी की कमान शरद श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
लंबी सदस्य सूची: हर वर्ग को प्रतिनिधित्व
पार्टी ने 60 सदस्यों की एक व्यापक सूची जारी की है, जिसमें डॉ. शिवप्रसाद त्रिपाठी, शैलेन्द्र रघुवंशी, दुर्गाशंकर गुप्ता, ज्ञानेंद्र सचान, अरविंद बाजपेयी, शुभम परिहार, और नीलम ज्योति निषाद जैसे नाम शामिल हैं। अर्चना सिंह, नीशू तिवारी और संगीता तिवारी जैसी महिला चेहरों को शामिल कर आधी आबादी को भी साधने का प्रयास किया गया है।
राजनैतिक मायने: “सबको साधो, चुनाव जीतो”
इस नई टीम के गठन के पीछे तीन मुख्य संदेश छिपे हैं:
गुटबाजी पर लगाम: सभी बड़े नेताओं के करीबियों को शामिल कर अंदरूनी कलह को शांत करने की कोशिश की गई है।
जातीय समीकरण: पिछड़ा, अनुसूचित और सामान्य वर्ग के बीच बारीक संतुलन बनाया गया है।
महिला शक्ति: कार्यकारिणी में महिलाओं की संख्या बढ़ाकर पार्टी ने अपनी महिला विंग को सक्रिय करने का संकेत दिया है।
चर्चा का विषय: अब देखना यह होगा कि कागज पर दिखने वाला यह “समान भाव” जमीन पर कितना उतरता है और क्या यह नई टीम अंदरूनी खींचतान को खत्म कर आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना एकजुट होकर कर पाएगी?








