असोथर (फतेहपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर में बुधवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयभान सिंह के संयुक्त औचक निरीक्षण के दौरान कई खामियां उजागर हुईं। स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी पत्रकों का ढेर मिलने तथा साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए पीएचसी प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे डीएम और सीएमओ अचानक पीएचसी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता सहित समस्त स्टाफ उपस्थित मिला। अधिकारियों ने उपस्थिति पंजिका, स्टोर रूम, मरीज कक्ष और अन्य अभिलेखों का निरीक्षण किया। इसी दौरान चिकित्सा प्रभारी कक्ष के निकट शौचालय मार्ग में बड़ी मात्रा में स्वास्थ्य जागरूकता पत्रक पड़े मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
चिकित्सा प्रभारी द्वारा कर्मचारियों को कई बार निर्देश देने के बावजूद पत्रक न हटाने की बात कहने पर सीएमओ ने पूछा कि इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को तीन दिन के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था तीन दिन में दुरुस्त कराने और सभी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 20 दिन की समय-सीमा निर्धारित की। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में सुधार न होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद डीएम और सीएमओ ने प्रसव केंद्र, हेल्थ एटीएम मशीन, लैब रूम तथा लेबर रूम का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कल्पना से प्रसव सेवाओं की जानकारी ली गई। प्रसव केंद्र की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पीएचसी पहुंच गए। ग्रामीणों ने डॉक्टरों के समय से अस्पताल न पहुंचने, ओपीडी संचालन में अनियमितता तथा मरीजों को होने वाली समस्याओं की शिकायत जिलाधिकारी से की। डीएम ने शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डीएम की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।








