कानपुर। साढ़ थाना क्षेत्र के भीतरगांव स्थित बेहटा बुजुर्ग गांव में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ महाराज की ऐतिहासिक रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग पर भक्ति का माहौल देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
रथ यात्रा से पूर्व मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान की प्रतिमा को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा बेहटा-देवरा मार्ग होते हुए विभिन्न गलियों और मुख्य मार्गों से निकाली गई तथा पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा में प्रस्तुत की गई शिव तांडव और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी झांकियों और धार्मिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह लगाए गए प्रसाद वितरण केंद्रों पर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
जय बाबा जगन्नाथ कमेटी के अध्यक्ष आमुख सिंह और मंदिर के पुजारी कुड़ाहा प्रसाद शुक्ला ने बताया कि यह रथ यात्रा वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि 11 भक्त विशेष रूप से भगवान के रथ को खींचकर सेवा करते हैं और नगर भ्रमण कराते हैं।
रथ यात्रा के दौरान पांच डीजे भक्ति गीतों की मधुर धुनें बजाते हुए आगे-पीछे चल रहे थे। भजनों पर युवा, महिलाएं और बच्चे झूमते नजर आए। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। यात्रा के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव स्वयं मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी किए। एसीपी ने बताया कि रथ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
धार्मिक आस्था, भव्य झांकियों और भक्तों के उत्साह से सराबोर यह ऐतिहासिक रथ यात्रा क्षेत्र में आकर्षण और चर्चा का केंद्र बनी रही।








