रिपोर्टर : कुलदीप कुमार
धाता (फतेहपुर)। धाता नगर पंचायत एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने लगातार हो रही बिजली कटौती और जर्जर विद्युत व्यवस्था से परेशान होकर केटमई पावर हाउस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समस्या के समाधान की मांग की।
किसानों का कहना है कि धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन पर्याप्त बिजली आपूर्ति न मिलने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। लगातार बिजली कटौती के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे धान की रोपाई का कार्य बाधित हो रहा है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 5 से 6 घंटे लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सिंचाई कार्य सुचारू रूप से हो सके। साथ ही वर्षों पुराने जर्जर तारों और खंभों को तत्काल बदला जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते कई स्थानों पर लोग बांस के सहारे अस्थायी खंभे लगाकर बिजली आपूर्ति चलाने को मजबूर हैं। वहीं कई गांवों में 11 हजार वोल्ट की जर्जर लाइनें घरों के ऊपर से गुजर रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे ग्रामीणों के जान-माल पर खतरा मंडरा रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और जर्जर विद्युत लाइनों को नहीं बदला गया तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।








