बिंदकी (फतेहपुर)। बिंदकी तहसील के छिवली गांव में वर्षों से जमा औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे किनारे और आबादी के समीप बड़ी मात्रा में खतरनाक कचरा डंप किया गया है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में कई स्थानों पर 30 से 40 फीट गहराई तक रासायनिक अपशिष्ट भरा हुआ है। आरोप है कि इस कचरे का उपयोग भूमि समतलीकरण और गड्ढों को भरने के लिए भी किया गया, जिससे जहरीले तत्व मिट्टी और भूजल तक पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में अपशिष्ट से निकलने वाले रसायन आसपास के जल स्रोतों और पांडु नदी तक पहुंच सकते हैं। इससे न केवल पेयजल प्रभावित हो सकता है, बल्कि कृषि भूमि की उर्वरता और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस खतरनाक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया गया, तो भविष्य में यह एक बड़े पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराकर रासायनिक कचरे को तत्काल हटाया जाए तथा क्षेत्र के जल, मिट्टी और पर्यावरण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान होना बेहद जरूरी है।








