48 घंटे से तलाश में जुटी थी पुलिस, 155 सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से हुई पड़ताल; अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फतेहपुर। औंग थाना क्षेत्र के भीकमपुर गांव में हुए सनसनीखेज घटनाक्रम ने शनिवार को एक बार फिर सबको झकझोर दिया। करीब दो दिन से लापता राजू विश्वकर्मा का शव कल्याणपुर क्षेत्र के मुरादीपुर गांव के पास रामगंगा नहर में मिला। शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त राजू के रूप में की।
राजू का शव मिलने के बाद पूरे मामले की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन उसका बड़ा बहनोई पवन विश्वकर्मा उसे अपने साथ लेकर गया था। बाद में पवन अकेले घर लौटा और राजू के किसी काम से रुकने की बात कही थी। इसी रात परिवार के लोगों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया था। हमले में पांच लोग घायल हुए थे, जबकि आत्मरक्षा के दौरान पवन भी गंभीर रूप से घायल हो गया था और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।
राजू के अचानक गायब होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में पांच टीमें लगाई थीं। सर्विलांस टीम ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली, जबकि पुलिस ने करीब 155 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। कई स्थानों पर पवन की बाइक दिखाई देने से पुलिस ने संभावित रास्तों को चिन्हित कर जांच आगे बढ़ाई।
अब नहर से राजू का शव मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल उसकी मौत की वजह और घटनाक्रम को लेकर है। क्या राजू की मौत घटना वाले दिन ही हो गई थी? क्या उसे कहीं और ले जाकर मौत के घाट उतारा गया? शव नहर तक कैसे पहुंचा? इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल और शव मिलने वाली जगह से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आपस में जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है।
इस बीच हमले में घायल पांचों लोगों का उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को फतेहपुर मेडिकल कॉलेज से कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया था। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी हालत में पहले की अपेक्षा सुधार है।
राजू का शव मिलने से भीकमपुर कांड अब महज पारिवारिक विवाद और हमले तक सीमित नहीं रह गया है। लापता युवक की मौत और शव नहर में मिलने से जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य ही तय करेंगे कि राजू की मौत कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।








