फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के कबीरपुर मजरे अस्ता गांव में विवाहिता की विदाई कराने पहुंचे ससुराल पक्ष और मायके वालों के बीच विवाद के बाद मामला तूल पकड़ गया। पारिवारिक विवाद के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। विवाहिता पक्ष ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए विवाद शांत कराने और कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक विवाहिता करीब तीन माह से अपने मायके में रह रही थी। मंगलवार को पति समेत ससुराल पक्ष के लोग उसकी विदाई कराने गांव पहुंचे थे। इसी दौरान पांच वर्षीय बच्चे को साथ ले जाने की बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मारपीट की स्थिति बन गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
विवाहिता पक्ष की ओर से सामने आए बयान में आरोप लगाया गया कि पुलिस के पहुंचने के बाद उसके पति के साथ मारपीट की गई। महिला ने दावा किया कि मारपीट के कारण उसका पति बेहोश हो गया और पैर में गंभीर चोट आई। इसके बाद उसे पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाने का आरोप भी लगाया गया। पुलिस पर महिलाओं और बच्चों के साथ अभद्रता किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पस बोली—दोनों पक्षों का विवाद कराया शांत
मामले में फतेहपुर पुलिस का कहना है कि विवाहिता की विदाई को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। सूचना पर मलवां पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराई। पुलिस के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में आरोपों को असत्य एवं तथ्यहीन बताते हुए कहा है कि किसी भी पुलिसकर्मी ने किसी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की। फिलहाल विवाहिता पक्ष के आरोप और पुलिस के खंडन के बीच मामला जांच का विषय बना हुआ है। वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।








