मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान अशोक ने तोड़ा दम, मलबे में दबे सात लोगों को निकाला गया बाहर
मलवा/फतेहपुर। मलवा कस्बे में रविवार शाम हुए भीषण घरेलू गैस सिलेंडर हादसे ने पूरे जनपद को झकझोर दिया। फल विक्रेता सोनेलाल गुप्ता के दो मंजिला मकान में खाना बनाते समय हुए तेज धमाके के बाद पूरी इमारत भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो घायल मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में उपचाराधीन हैं।
सोमवार तड़के करीब एक बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर रूप से झुलसे अशोक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या पांच पहुंच गई। घटना के बाद से इलाके में मातम का माहौल है।
बताया जा रहा है कि रविवार शाम मकान में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो दो मंजिला मकान मलबे में तब्दील हो चुका था। मलबे में लोगों के दबे होने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासनिक टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पुलिस, फायर सर्विस और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में फंसे सात लोगों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी राहत अभियान में लगाया गया। देर रात तक मलबा हटाने का काम जारी रहा। मंगलवार सुबह दोबारा सघन अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति फंसा न हो।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की सहायता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फॉरेंसिक जांच से खुलेगा हादसे का राज
घटना के बाद फॉरेंसिक टीम, फायर विभाग और तकनीकी विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर घरेलू गैस सिलेंडर से जुड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मलवा की इस घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस उपकरणों की सुरक्षा और भवन की संरचनात्मक मजबूती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमाका किस कारण हुआ और इतनी बड़ी इमारत अचानक कैसे ढह गई।








