
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के लगभग 1.70 लाख संविदा शिक्षकों (शिक्षामित्रों और अनुदेशकों) को होली से पहले बड़ा तोहफा दिया है। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इनके मानदेय (Honorarium) में ऐतिहासिक वृद्धि की घोषणा की। यह नया मानदेय 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
मानदेय में 80% तक की भारी वृद्धि
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की आय में लगभग दोगुना इजाफा होगा:
शिक्षामित्र: वर्तमान में मिलने वाले 10,000 रुपये के स्थान पर अब 18,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
अनुदेशक: 9,000 रुपये के स्थान पर अब 17,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि जिस मानदेय को उनकी सरकार ने पूर्व में 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया था, उसे अब बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जा रहा है।
कैशलेस इलाज और अन्य सुविधाएं
केवल मानदेय ही नहीं, मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के कल्याण के लिए अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
कैशलेस मेडिकल सुविधा: सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
तत्काल भुगतान: सरकार ने मानदेय के तत्काल और नियमित भुगतान के लिए पुख्ता व्यवस्था लागू करने की बात कही है।
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार: जिन ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालयों की स्थापना के लिए 580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षामित्रों में खुशी की लहर
लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र और 24,000 से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं, जिन्हें इस फैसले से सीधा आर्थिक संबल मिलेगा। विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों के सम्मान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
शिक्षामित्र: ₹10,000 ➡️ ₹18,000
अनुदेशक: ₹9,000 ➡️ ₹17,000
लागू तिथि: 1 अप्रैल, 2026
अतिरिक्त लाभ: ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज।








