असोथर/फतेहपुर।
थाना क्षेत्र के बेसड़ी गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ऐसे लाचार परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसने अपने दो जवान बेटों को खो दिया है। दबंग पड़ोसियों ने न केवल इस परिवार की गिरती हुई दीवार का निर्माण रुकवा दिया, बल्कि गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़ित परिवार ने थाने में न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम बेसड़ी निवासी सुमित्रा देवी पत्नी हरिओम यादव ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने अपने स्वर्गीय बेटों (अंकित और राजू) की पत्नियों के बीच घर का बंटवारा किया था। मृतक अंकित की पत्नी रीता देवी के हिस्से की दीवार बारिश के कारण झुक गई थी, जो कभी भी गिर सकती थी। खतरा भांपकर रीता ने पुरानी दीवार की जगह पिलर खड़ा कर नई दीवार का निर्माण शुरू कराया।
दबंगई: गाली-गलौज और निर्माण पर रोक
आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान पड़ोसी वासुदेव, उसके पुत्र राममिलन, शिवमिलन और भोला मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने जबरन काम रुकवा दिया और विरोध करने पर लाचार विधवा महिलाओं के साथ अभद्रता की। सुमित्रा देवी का कहना है कि दीवार पुरानी नींव पर ही बनाई जा रही है, फिर भी दबंगों द्वारा बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है।
अवैध शराब और पुलिस की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, विवाद करने वाला पक्ष गांव में अवैध शराब की बिक्री में संलिप्त है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। गांव में चर्चा है कि अवैध धंधों के रसूख के चलते ही ये लोग एक बेसहारा परिवार को निशाना बना रहे हैं।
दुखों का पहाड़ और प्रशासन से उम्मीद
सुमित्रा देवी के दोनों बेटों की मौत हो चुकी है और पति बुजुर्ग हैं। घर का पूरा बोझ दोनों विधवा बहुओं के कंधों पर है, जो मजदूरी कर परिवार पाल रही हैं। ऐसे में सिर छिपाने की जगह को लेकर हो रहे विवाद ने उन्हें तोड़कर रख दिया है।
“मामले की शिकायत मिली है। पुलिस टीम भेजकर जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— धीरेन्द्र ठाकुर, थाना प्रभारी, असोथर








