नई दिल्ली | डिजिटल डेस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक ऐसी उपलब्धि हासिल कर ली है, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। संवैधानिक पद पर रहते हुए सरकार के प्रमुख (Head of Government) के तौर पर नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
8931 दिनों का ‘अजेय’ सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पदों पर रहते हुए कुल 8,931 दिन पूरे कर लिए हैं। इस संख्या के साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
पवन चामलिंग अब दूसरे नंबर पर
अब तक यह रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग के नाम था, जो लगातार 24 वर्षों से अधिक समय तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे थे। लेकिन 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ नरेंद्र मोदी का सफर आज 22 मार्च 2026 को उन्हें इस शिखर पर ले आया है।
सफरनामा: राजकोट से दिल्ली की गद्दी तक
7 अक्टूबर 2001: पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
लगातार 3 बार: गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली (2001-2014)।
26 मई 2014: देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।
2024: तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री बनकर नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी की।
22 मार्च 2026: भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सरकार प्रमुख बने।
रिकॉर्ड के पीछे की ताकत: प्रो-इंकंबेंसी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह उपलब्धि ‘एंटी-इंकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) को ‘प्रो-इंकंबेंसी’ (सत्ता समर्थक लहर) में बदलने की उनकी क्षमता का परिणाम है। 24 वर्षों के इस लंबे कार्यकाल में उन्होंने न केवल गुजरात की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी, बल्कि प्रधानमंत्री के रूप में भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाई।
“यह केवल आंकड़ों का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के भरोसे की निरंतरता है।” > — राजनीतिक विश्लेषक








