फतेहपुर (खागा) | 27 मार्च 2026
फतेहपुर जनपद के खागा तहसील क्षेत्र अंतर्गत संग्रामपुर टेनी गांव में शुक्रवार को उस समय कोहराम मच गया, जब देखते ही देखते गेहूं की सुनहरी खड़ी फसल आग की भीषण लपटों में घिर गई। पूरे साल की मेहनत, उम्मीद और परिवार के भरण-पोषण का जरिया—सब कुछ चंद मिनटों में राख होने की कगार पर पहुँच गया।
तेजी से फैली लपटें, किसानों में मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि दोपहर के समय अचानक खेत से धुंआ उठने लगा और तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। फसल पूरी तरह सूखी होने के कारण लपटें बिजली की गति से आगे बढ़ने लगीं। आग की ऊंची लपटें देख आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण शोर मचाते हुए मौके पर दौड़े।
देवदूत बने ग्रामीण: बाल्टियों और रेत से लड़ी जंग
दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार किए बिना खुद मोर्चा संभाल लिया। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए:
बाल्टियों में पानी भरकर और रेत डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।
ट्रैक्टरों के जरिए आग की दिशा वाले हिस्से की जुताई की ताकि आग को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
भीषण गर्मी और लपटों के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर सामूहिक प्रयास किया।
बड़ी तबाही टली, पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों की सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पाया गया, जिससे एक बहुत बड़ी तबाही टल गई। हालांकि, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन तेज धूप और हवा को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशन की दूरी और संसाधनों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि अगर ग्रामीण इलाकों में तत्काल फायर टेंडर की सुविधा होती, तो नुकसान को शून्य किया जा सकता था।








