फतेहपुर। जनपद के विकास खण्ड मलवां के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरदौलपुर में विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी फतेहपुर के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति 27 मार्च 2026 को गांव पहुंचकर स्थलीय जांच करेगी।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत हरदौलपुर के निवासी श्री जितेन्द्र सिंह (पुत्र श्री यदुनाथ सिंह) ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा था। शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों और उनमें बरती गई धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए थे।
तीन सदस्यीय समिति करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
जिलाधिकारी के आदेश संख्या 5739/7-पं०/शि०लि०/जाँच/2025-26 के अनुपालन में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में शामिल सदस्य 27 मार्च को सुबह 11 बजे पंचायत भवन में उपस्थित होकर शिकायतों की बिंदुवार जांच करेंगे।
जांच टीम में शामिल अधिकारी:
जिला प्रशिक्षण अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास संस्थान (अध्यक्ष)।
अधिशाषी अभियंता, सिंचाई खण्ड, फतेहपुर।
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी / सहायक निदेशक, सहकारी समितियां।
अधिकारियों को कड़े निर्देश
जिला प्रशिक्षण अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और खण्ड विकास अधिकारी (BDO) मलवां को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि:
शिकायत से संबंधित सभी अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति 26 मार्च तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में जमा कराएं।
27 मार्च को जांच के समय मूल अभिलेखों के साथ स्वयं उपस्थित रहें।
जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करें, किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस जांच की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को भी भेजी गई है। इस कार्रवाई से ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।








