रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ (कानपुर)
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े ‘किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट’ का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्रवाई में शहर के नामी डॉक्टरों सहित कुल 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
छापेमारी और बरामदगी
मुखबिर की सटीक सूचना पर डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी के मार्गदर्शन और रावतपुर थानाध्यक्ष कमलेश राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने अवैध मानव अंग कारोबार में संलिप्त 5 पुरुष और एक महिला आरोपी को दबोच लिया। मौके से ₹1.75 लाख नकद और भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां बरामद की गई हैं।
डॉक्टरों की मिलीभगत और फर्जीवाड़ा
गिरफ्तार आरोपियों में चिकित्सा जगत के कई बड़े नाम शामिल हैं:
डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा
डॉ. प्रीति आहूजा
डॉ. राजेश कुमार
डॉ. राम प्रकाश
डॉ. नरेंद्र सिंह
शिवम अग्रवाल (एंबुलेंस चालक, जो खुद को फर्जी डॉक्टर बताकर लोगों को जाल में फंसाता था)
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सक्रिय है। सीएमओ के नेतृत्व में अपर चिकित्साधिकारी डॉ. रमित रस्तोगी और डॉ. राजेश सिंह नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धारा 18, 19, 20 और BNS की धारा 143/3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। गिरोह के 4 अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
“अवैध मानव अंग व्यापार के खिलाफ यह एक बड़ी कामयाबी है। इस नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही कुछ और बड़े चेहरों से नकाब हट सकता है।”
— पुलिस प्रशासन, कानपुर








