कानपुर ब्यूरो चीफ राहुल द्विवेदी
लखनऊ/कानपुर। प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से विशेष स्कूली वाहन फिटनेस अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसमें सभी स्कूल बसों और वाहनों की अनिवार्य रूप से फिटनेस जांच की जाएगी।
अभियान के तहत परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों के पंजीकरण, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और वाहन की भौतिक स्थिति की गहन जांच की जाएगी। जो वाहन निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनकी फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जाएगी और सुधार के बाद ही दोबारा प्रमाणित किया जाएगा।
इस अभियान की खास बात यह है कि पहली बार UP-ISVMP पोर्टल के माध्यम से सभी स्कूली वाहनों का डिजिटल डाटा तैयार किया गया है। इस पोर्टल पर वाहनों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी और जांच की दैनिक प्रगति भी अपडेट की जाएगी। इसके लिए QR कोड आधारित सिस्टम लागू किया गया है, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य स्कूली वाहनों की तकनीकी स्थिति को दुरुस्त करना और बच्चों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन से भी सहयोग की अपील की है, ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस सख्त निगरानी व्यवस्था से न केवल दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि अभिभावकों में भी भरोसा बढ़ेगा।








