जिला संवाददाता आशीष प्रजापति
निवाड़ी। जिले के निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों की जेब ढीली करने के खेल पर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के सख्त रुख के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रमुख बिंदु: जो आपको जानना जरूरी है
बाजार से खरीदारी की आजादी: अब कोई भी निजी स्कूल किसी खास दुकान या वेंडर से सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकेगा। अभिभावक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खुले बाजार से किताबें, जूते और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।
सार्वजनिक करना होगा पाठ्यक्रम: स्कूलों को अब अपनी कक्षावार किताबों की सूची (सिलेबस) सार्वजनिक करनी होगी, ताकि अभिभावक पहले से जानकारी रख सकें।
नोटिस बोर्ड पर दिखेगी फीस: पारदर्शिता के लिए स्कूलों को अपनी फीस का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा।
होगी सख्त कार्रवाई: यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया या किसी अभिभावक ने शिकायत की, तो उस विद्यालय के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के नाम पर व्यावसायिक एकाधिकार नहीं चलने दिया जाएगा। इस आदेश से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है जो हर साल महंगे दामों पर स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से सामान खरीदने को मजबूर थे।
अपील: यदि कोई स्कूल आपको किसी विशेष दुकान से सामान लेने के लिए मजबूर करता है, तो आप इसकी शिकायत तुरंत जिला शिक्षा विभाग या कलेक्ट्रेट में कर सकते हैं।








