कानपुर ब्यूरो चीफ राहुल द्विवेदी
कानपुर। साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 म्यूल बैंक अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है। साइबर मुख्यालय के निर्देश पर संचालित इस अभियान में विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों से लगभग 30 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन खातों का संबंध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 100 से अधिक साइबर शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए थे। इन खातों का वास्तविक संचालन साइबर ठगी गिरोह के सदस्य कर रहे थे। पुलिस के अनुसार इन बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग एप्लिकेशन और फर्जी निवेश योजनाओं के माध्यम से लोगों से ठगी गई रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। पुलिस गिरोह के सरगना और अन्य सहयोगियों की पहचान कर रही है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
जनता से अपील
पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी उपलब्ध न कराएं। साथ ही किसी संदिग्ध ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
संदेश: “सोच-समझकर करें क्लिक, तभी रहेगी आपकी डिजिटल जिंदगी सुरक्षित।”








