✍️ श्रीराम अग्निहोत्री फतेहपुर
बिन्दकी, फतेहपुर। बिन्दकी तहसील स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। अधिवक्ता अमजद खान ने सक्षम प्राधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर कार्यालय में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यालय में पूर्व में कंप्यूटर फीडिंग के नाम पर लोगों से ₹200 की कथित वसूली की जाती थी। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने विरोध जताया था और इस व्यवस्था को बंद कराने के लिए प्रस्ताव भी पारित किया गया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह मामला उस समय समाचार पत्रों में भी प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।
इसके अलावा शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैनामा एवं रजिस्ट्री के दौरान निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त लगभग एक प्रतिशत धनराशि कथित रूप से ली जाती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अतिरिक्त भुगतान न करने पर आम लोगों को अनावश्यक परेशान किया जाता है, जिससे वे मजबूरी में अतिरिक्त राशि देने को विवश हो जाते हैं।
अधिवक्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा कंप्यूटर फीडिंग और रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े सभी भुगतान का रिकॉर्ड, रसीदें, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही कार्यालय में निर्धारित सरकारी शुल्क की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और प्रत्येक भुगतान की रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
शिकायत में जनपद के खागा उपनिबंधन कार्यालय में पूर्व में हुई एंटी करप्शन की कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि दोनों मामले अलग-अलग हैं और बिन्दकी कार्यालय के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि केवल सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराता है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।








