कौहन जरौली के परिवारों की 25 साल पुरानी पक्के मकान की उम्मीद अब भी अधूरी, प्रशासन से मदद की गुहार
फतेहपुर। लगातार हो रही बारिश ने असोथर विकासखंड की ग्राम पंचायत कौहन जरौली में कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण कई कच्चे मकान जर्जर हो गए हैं। कहीं दीवारों से पानी रिस रहा है तो कहीं छप्पर जवाब दे चुके हैं। हालात बिगड़ने पर कुछ परिवारों को अपना सामान समेटकर रिश्तेदारों और आसपास के लोगों के घरों में शरण लेनी पड़ी है।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रभावित परिवार लंबे समय से मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं। करीब 25 वर्षों से पक्के मकान की आस लगाए बैठे परिवारों के लिए हर बरसात नई परेशानी लेकर आती है। बारिश तेज होते ही कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को मकान गिरने और घरेलू सामान खराब होने का डर सताने लगता है।
कौहन जरौली में प्रभावित बताए जा रहे परिवारों में सधाना पत्नी कैलाश नाई, राम बाई पत्नी राजपाल सोनी, रामपाल, पूजा पत्नी विजय सिंह, गुड़िया पत्नी मानेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह पुत्र स्व. प्रताप सिंह, प्रभात पुत्र स्व. राजेन्द्र सिंह, सुदेवी सिंह पत्नी शिवनारायण सिंह, सुनीता सिंह पत्नी जयनारायण सिंह, गुड़ी सिंह पत्नी शिवबहादुर सिंह, कुशमा सिंह पत्नी स्व. छोटे सिंह, पंकज सिंह पुत्र स्व. दुर्गासिंह और राजू सिंह पुत्र स्व. छोटे सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि बारिश के दिनों में कच्चे घरों में रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। घर के अंदर पानी आने से अनाज, कपड़े और अन्य घरेलू सामान को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। मकान की हालत खराब होने पर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवारों की चिंता और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से प्रभावित मकानों का स्थलीय निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन कराया जाए। इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और पात्र लोगों को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों की निगाह अब प्रशासनिक टीम के गांव पहुंचने पर टिकी है। बरसात के इस मौसम में सबसे बड़ी जरूरत इन परिवारों के लिए सुरक्षित छत और तत्काल राहत की है।








