लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में आवश्यक ईंधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। प्रदेश के मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की उपलब्धता हर हाल में बनी रहे और आम जनता को किसी भी प्रकार की किल्लत का सामना न करना पड़े।
प्रवर्तन टीमों की बड़ी कार्रवाई: 1483 जगहों पर छापे
मुख्य सचिव के निर्देशों के तुरंत बाद प्रदेश भर में प्रशासन सक्रिय हो गया है। जनपद स्तर पर गठित प्रवर्तन टीमों (Enforcement Teams) ने बीते दिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में 1483 स्थानों पर सघन निरीक्षण और छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुई FIR
जांच के दौरान कई स्थानों पर अनियमितताएं और गैस की कालाबाजारी के मामले सामने आए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनता के हक का ईंधन ऊंचे दामों पर बेचने या उसकी जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके तहत:
दोषी पाए गए लोगों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
अवैध रूप से संग्रहित गैस सिलेंडर और ईंधन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वितरण केंद्रों और गैस एजेंसियों को कड़ी चेतावनी दी गई है।
जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्वयं आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि:
“जनता को पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के लिए कतारों में न लगना पड़े और न ही उन्हें निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान करना पड़े। आपूर्ति में बाधा डालने वाले या कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”








