बदायूं: कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख जारी है। बदायूं के HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) प्लांट में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू की अवैध संपत्तियों पर आज प्रशासन का बुलडोजर चला। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपी द्वारा बिना अनुमति के बनाई गई दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
प्रमुख घटनाक्रम: अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई
प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ आरोपी के ठिकाने पर पहुँची और अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित बिंदु चर्चा में रहे:
अवैध निर्माण पर प्रहार: आरोपी अजय प्रताप सिंह ने बिना किसी आधिकारिक मानचित्र या अनुमति के दुकानों का निर्माण कराया था।
भारी पुलिस बल की तैनाती: किसी भी विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
अपराधियों में खौफ: इस कार्रवाई को जिले में सक्रिय अपराधियों के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या था पूरा मामला?
ज्ञात हो कि कुछ समय पूर्व बदायूं स्थित HPCL प्लांट में दो अधिकारियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। घटना का मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू फिलहाल पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार होकर जेल में बंद है। उस पर डबल मर्डर के साथ-साथ पुलिस टीम पर हमला करने के संगीन आरोप दर्ज हैं।
प्रशासन की चेतावनी
कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित संपत्ति या सरकारी जमीन पर किए गए किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह ‘बुलडोजर कार्रवाई’ भविष्य में भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।
“अपराध के जरिए साम्राज्य खड़ा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यह ध्वस्तीकरण इसी कड़ी का हिस्सा है।” — प्रशासनिक सूत्र








