थरियांव/फतेहपुर। सीतापुर स्थित गौशाला के बाहर कथित तौर पर कई दिनों से मृत गौवंश का शव पड़े रहने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर बजरंग सेना के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह राणा कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और संबंधित जिम्मेदारों को सूचना देकर शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने की मांग की।
शिकायतकर्ता लवकुश पाल के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले गौवंश ट्रक की चपेट में आने से घायल हुआ था। उसके पैर में चोट थी और वह जीवित था। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने गौशाला कर्मचारियों से घायल गौवंश को अंदर रखने को कहा, जिस पर कर्मचारियों ने बाद में अंदर करने की बात कही, लेकिन उसे गौशाला के अंदर नहीं ले जाया गया। बाद में उसकी मौत हो गई।
मामले की सूचना पर बजरंग सेना जिलाध्यक्ष चंदन सिंह राणा करीब 15 कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने गौशाला सचिव रामबाबू और संबंधित अधिकारियों को फोन कर शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने को कहा, लेकिन करीब पांच घंटे तक सचिव मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद एडीओ पंचायत कौशलेंद्र समेत पंचायत सहायक व अन्य कर्मचारियों के पहुंचने की बात सामने आई।
बजरंग सेना पदाधिकारियों ने गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराने की मांग भी रखी। आरोप है कि इसी दौरान गौशाला का गेट बंद कर दिया गया और मौके पर मौजूद कर्मचारी वहां से चले गए। संगठन की ओर से महिला कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बाद में स्थानीय लोगों और बजरंग सेना कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब तीन बजे मृत गौवंश का अंतिम संस्कार किया। संगठन ने गौशाला की व्यवस्थाओं, घायल पशुओं की देखरेख और मृत गौवंश के निस्तारण की व्यवस्था की जांच कराए जाने की मांग की है।
इस दौरान बजरंग सेना जिलाध्यक्ष चंदन सिंह राणा, जिला सचिव चंद्रमणि पांडेय, हंसवा ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजपूत, आदर्श ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।








